Sunday, March 22, 2026
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वन ग्राम सेल्दा में अतिक्रमण हटाने वन विभाग ने अपनाया नया फार्मूला ग्रामीणों से ही ग्रामीणों को हटवाया,तमाशबीन बनकर पूरी कार्यवाही को दिया अंजाम

वन ग्राम सेल्दा में अतिक्रमण हटाने वन विभाग ने अपनाया नया फार्मूला ग्रामीणों से ही ग्रामीणों को हटवाया,तमाशबीन बनकर पूरी कार्यवाही को दिया अंजाम

आधा दर्जन गांवों के 200 लोग अतिक्रमण करने पहुंचे थे सेल्दा

वन ओर पुलिस संयुक्त कार्यवाही करने पहुंचे थे

बैतूल ।गांव में एक कहावत है कांटे से कांटा निकलना यही कहावत उत्तर वन मण्डल की शाहपुर रेंज में कल यानी बुधवार को वन ओर पुलिस ने चरितार्थ की है ।वन विभाग ने इस बार ऐसा फार्मूला निकाला कि जिससे सांप भीमर जाए और लाठी भी न टूटे ।दरअसल
प्रदेश के जंगलो मे बढते अतिक्रमण ओर उन्हें रोकने पर वन कर्मियों के साथ होने वाली मारपीट से बचने विभाग ने ग्रामीणों को आमने सामने कर दिया देखते ही देखते सेल्दा के ग्रामीणों ने लगभग आधा दर्जन गांवों के लगभग 200 अतिक्रमणकारीयो को जंगल स्व खदेड़ दिया जबकि वन विभाग पुलिस के साथ जेसीबी ओर ट्रक्टर भी लेगये थे लेकिन ग्रामीण महिलाओं ने अतिक्रमण कारी महिलाओं को खींच खींच कर खदेड़ा वनकर्मी ओर पुलिसकर्मी तमाशबीन बन कर सब कुछ देखते रहे ।इन घटनाओं के वीडियो जमकर वायरल हो रहे है ।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक शाहपुर रेंज के सेल्दा वन ग्राम में बुधवार के दिन शाहपुर रेंजर एम एस राणा के निर्देशन में बड़े पैमाने पर वनकर्मी ओर पुलिसकर्मी संयुक्त कार्यवाही पहुंचे थे ।सूत्रों के मुताबिक वन ग्राम सेल्दा में खपरिया,परसदा जाखा ढाना, बल्लोर ओर सीता डोंगरी के लगभग 190 अतिक्रमणकरियो ने अतिक्रमण के प्रयास में वन भूमि से लेंटाना सफाई कर फलदार पौधे लगाने के बहाने लगभग 30 टप्पर बनाकर वन्ही रहने लगे थे । लगभग 15 दिन पहले किये गए इस अतिक्रमण पर रेंजर एमएस राणा ओर उनके स्टाफ ने अतिक्रमणकारियो को लगातार समझाइश दी लेकिन अतिक्रमण कारी हर बार महिलाओं को आगे करके अतिक्रमण का जाल फैलाते चले जारहे थे ।

आरोप: अतिक्रमण को बढ़ावा देना एक संघठन के नेता का काम
अतिक्रमण मामले में शाहपुर रेंजर एम एस राणा श्रमिक आदिवासी संघटन के राजेन्द्र गढ़वाल की भूमिका बता रहे है उनका कहना है कि 15 दिन पहले राजेन्द गढ़वाल ने एक रैली की थी जिसके बाद अतिक्रमण हुआ है ।इन आरोपो पर हमने राजेन्द्र गढ़वाल से बात की तो उनका कहना था कि संघठन हर साल फलदार पौधे लगाने की लिए गांव गांव अभियान चलाता है लेकिन किसी भी ग्रामीण को अतिक्रमण के लिए नही कहा जाता है जंगल बचना जितना वन विभाग की ज़िम्मेदारी है उतनी ज़िम्मेदारी हमारी ओर हर नागरिक की है ।

सेल्दा में पटेलों के पास बड़ी मात्र में जंगल ज़मीन

अतिक्रमण के बाद इस बात का भी खुलासा हुआ है कि सेल्दा ग्राम के चुनिंदा पटेलों के पास सौ-सौ एकड़ जंगल की भूमि है जिसपर यह लोग खेती कर रहे है और इसी गांव में कुछ ऐसे भी ग्रामीण है जिनके पास एक एकड़ या उससे कम और कुछ के पास तो ज़मीन ही नही है जिसकी वन विभाग को जांच कर ज़मीन खाली करवानी चाहिए । जिससे ग्रामीणों में फैला असन्तोष भी कम होगा ।

इनका कहना है
किसी भी ग्रमीण को ग्रामीण के खिलाफ नही भड़काया गया है बल्कि ग्रामीण अपने जंगल ओर वनोपज पे अधिकार को लेकर जागरूक है ।अतिक्रमण हटाने गए दल ने समझाइश देकर अतिक्रमण करियो को हटाया गया है ।
देवांशु शेखर
डीएफओ उत्तर बैतूल

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