शौर्य स्मारक में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब: शहीद वनरक्षक हरकेश गुर्जर को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
वन की रक्षा करते-करते वीरगति को प्राप्त करने वाले शहीद को बैतूल वन वृत्त की पुष्पांजलि अर्पित
बैतूल। शौर्य स्मारक, वन विद्यालय बैतूल आज गमगीन माहौल का साक्षी बना, जहां हर आंख नम थी और हर दिल शहीद वनरक्षक हरकेश गुर्जर के बलिदान को याद कर गर्व और पीड़ा से भर उठा। मुरैना जिले में 8 अप्रैल को कर्तव्य निभाते हुए रेत माफिया द्वारा ट्रैक्टर से कुचलकर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई—यह खबर न केवल वन विभाग, बल्कि पूरे समाज को झकझोर गई।
जिस वन विद्यालय से कभी हरकेश गुर्जर ने अपने कर्तव्य की शुरुआत के लिए प्रशिक्षण लिया था, वहीं आज उन्हें अंतिम सलाम दिया गया। साल 2016 में इसी परिसर में उनके सपनों ने आकार लिया था, और आज उसी जगह उनकी शहादत को याद कर साथियों की आंखें छलक उठीं।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वातावरण में गहरी संवेदना और गर्व का मिश्रण साफ महसूस हो रहा था।
वक्ताओं ने कहा कि हरकेश गुर्जर ने अपने कर्तव्य के प्रति जो निष्ठा और साहस दिखाया, वह हर किसी के लिए मिसाल है। उन्होंने जंगल और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी—ऐसा बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
सभा में इस अमानवीय घटना की कड़ी निंदा की गई और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठी। साथ ही, शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया गया।
अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे शहीद हरकेश गुर्जर के अधूरे सपनों को आगे बढ़ाएंगे और वन संपदा की रक्षा के लिए हमेशा डटे रहेंगे।
आज शौर्य स्मारक सिर्फ एक स्थान नहीं रहा, बल्कि वह एक ऐसे वीर की कहानी कह रहा था, जिसने अपने कर्तव्य के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया।
