भौंरा रेन्ज में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को रेंजर ने रखा गुप्त,आधा दर्जन वनकर्मियों ने 3 लोगो पर की कार्यवाही
रेंजर लगे रहे बड़े साहब की आवभगत में
जब साहब को दिखाने ड्राइवर का किया जेब गर्म
बैतूल । भौंरा रेंज में आज आधा दर्जन मैदानी वनकर्मियों ने मालीखेड़ा में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को अंजाम दिया लेकिन खास बात यह रही की इस पूरी कार्यवाही में रेंजर साहब मौके पर गए नही ओर न ही मीडिया को कार्यवाही की डीटेल बताने की बजाय पूरी कार्यवाही को ही गुप्त रखा गया ।
दरअसल भौंरा रेन्ज की माली खेड़ा में आसपास के ग्रामीणो ने 2005 – 06 में अतिक्रमण कर लिया था जिसे 2007 में वन विभाग द्वारा बड़े पौमाने पर हटाया गया था यह मामला कोर्ट में गया और उसके बाद वन विभाग ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था । जून 20025 में फिर से विभाग ने अतिक्रमण कारियो के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी । जून से अक्टूबर तक लगभग 3 बार ग्रामीण अतिकर्मकारियो के खिलाफ कार्यवाही की है । बुधवार को भौंरा रेंज के लगभग आधा दर्जन वनकर्मियी ने अतिक्रमण के नाम पर राजकुमार टोकरा,संतोष जाम नगरी,मुकेश खपरिया के खिलाफ अवैध काष्ठ की कार्यवाही करते हुए रेंज आफिस ले आये थे ।इस पूरी कार्यवाही की जानकारी के लिए भौंरा रेंजर ब्रजेन्द्र तिवारी से बात की तो उन्होंने कुछ भी बताने से असमर्थता जाहिर के एसडीओ से चर्चा करने कहा एसडीओ शाहपुर के सरकारी और निजी दोनो नम्बर पर पहले तो बेल गई लेकिन बाद में उन्होंने फोन बंद करलिया ।
रेंजर लगे रहे साहब की आवभगत में
माली खेड़ा मे कार्यवाही ओर उसको गुप्त रखने के पीछे रेंज अफसर का क्या मकसद था यह तो पता नही लेकिन बिना रेंजर ओर महिला वनकर्मियों के बगैर इतनी बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिए जाने के बाद पूरी कार्यवाही संदेह के घेरे में नज़र आ रही है ।
जिला मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों के भौंरा रेस्टहाउस पहुंचने पर रेंजर श्री तिवारी जी उनकी आवभगत में लग गए थे यही वजह है वह मौके पर नही पहुँच पाए और छोटे कर्मचारियों ने कार्यवाही को अंजाम दे दिया।
जब साहब को दिखाने ड्राइवर का किया जेब गर्म
यह चर्चा भी खूब रही की जिला मुख्यालय के साहब जब रेस्ट हाउस से रवाना हो रहे थे जब रेंजर साहब ने अपनी दरियादिली का एक नायाब नमूना साहब के सामने ही प्रस्तुत कर दिया रेंजर साहब ने इधर उधर देख जेब मे हाथ डाले और साहब के ड्राइवर का जेब गर्म कर दिया
