वन अपराध में पकड़ी गई जायलो वाहन,छुड़ाने के लिये चालान की बजाय बीट गार्डों ने निजी खाते में डलवाई रकम
स्क्रीन शाट ओर आडियो हो रहा वायरल
बैतूल ।दक्षिण वन मण्डल की ताप्ती रेंज में 27 जुलाई को दो चर्पट के साथ पकड़ी गई जायलो वाहन का सात महीने बाद जिन्न निकल कर सामने आया है । इस मामले में दो बीट गार्डों ने सरकारी खाते में राशि जमा करवाने की बजाय अपने निजी खाते में लेनदेन करवालिया अब इसके स्क्रीन शॉट ओर आडियो जमकर वायरल हो रहे है ।
दरअसल पूरा मामला यह है बीते 27 जुलाई को वन अपराध क.326 /17 दिनाक 27.07.2025 में जप्त वाहन जायलो क.ME480849 चेचित नंबर MAIYA2JHKD2.J37593/वाहन क्रमांक mp48/t/0849 को दो चर्पट के साथ पकड़ा गया था 7 महीने बाद इस मामले में दो स्क्रीन शॉट के वायरल होने से हड़कम्प मच गया है ।इस पूरे मामले में ताप्ती रेन्ज के दो बीटगार्ड जिनकी भूमिका बहुत अहम है । दोनो बीट गार्डों ने वाहन मालिक से गाड़ी को राज सात से बचाने और गाड़ी छोड़ने के एवज में लगभग पचास हजार का लेनदेन किया है जिसमे पांच हजार ओर पच्चीस हजार को दो ऑनलाइन पैसा टाँसफ़र करवाया है । वाहन मालिक के बार बार गाड़ी छोड़ने के सवाल पर दोनो ही बीट गार्डों द्वारा वाहन मालिक को आश्वस्त किया जा रहा है लेकिन वाहन सौंपा नही जारहा है ।सूत्र बताते है की दोनो ने वाहन मालिक से चालान के लिए मांगे है जबकि विभाग में ऑनलाइन चालान जमा कर चालान की कापी जमा करने के बाद ही आगे कि कार्यवाहि प्रस्तावित होती है ।सूत्र यह भी बताते है कि बिना अधिकारी के संज्ञान में लाये बीट गार्डों की हिम्मत नही है कि वह पचास हजार की राशि निजी खाते में ट्रांसफर करवा सके बहर हाल इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होने से कई खुलासे होने की उम्मीद है ।
इस पूरे मामले में दक्षिण वन मण्डल के डीएफओ श्री एल के वासनिक के आउट ऑफ कवरेज होने और सीसीएफ वासु
कनोजिया के मोबाइल रिसीव करने के बाद एसडीओ आमला कैलाश भद्रकारे को उनके सरकारी और पर्सनल नम्बर पर फोन किया तो उन्होंने भी फोन रिसीव नही किया गया जिसकी वजह से सरकारी पक्ष नही मिल सका है ।
