अधिकारियों की लेटलाली से हुई सगौन चोरी, पन्द्रह जनवरी तक कूप से नही हुआ सागौन परिवहन
न सड़क बनी और न ही खरीदी गई सामग्री
बैतूल । मंगलवार को गवासेन रेंज की कुरसना से सागौन चोरी कर लेकर जारहा वाहन उसकल्ली जोड़ के नज़दीक अनियंत्रित हो कर पलट गया था जिसके बाद देर शाम तक अधिकारियों ने अपनी ज़िम्मेदारी से बचते हुए मैदानी अमले को बलि का बकरा बना दिया है लेकिन कालका की पड़ताल में अधिकारियों की लेटलाली की वजह से सागौन तस्करों के हौसले बुलंद हुए और उन्होंने दिनदहाड़े चोरी को अंजाम दे दिया । वाहन अनियंत्रित होकर पलटता नही तो इस खेप का माल भी पार होगया होता ।
दो बार माल हो चुका पार
सूत्रो से मिली जानकारी के मुताबिक गवासेन रेंज में हरदा जिले का सागौन माफिया सक्रिय रहता है इसके पहले भी कूप कटाई में दो बार सागौन पार हो चुका है जिसे बाद में एडजेस्ट किया जाता रहा है यही बजह है सागौन माफिया दिनदहाड़े अपने काम को अंजाम दे रहे है ।
पन्द्रह जनवरी तक 30 प्रतिशत ढुलाई होना चाहिए
उत्पादन वन मण्डल में जब भी कोई कूप कटाई के लिए निकलता है उसकी सारी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कटाई कराई जाती है और पन्द्रह जनवरी तक 30 प्रतिशत सागौन को डिपो तक परिवहन किया जाना रहता है लेकिन इस वर्ष ऐसा नही हुआ और सागौन तस्करों को मौका मिल गया ।
अधिकारियों ने सामग्री के टेंडर लगाए लेट
कूप कटाई में उपयोग होने वाली सामग्री के टेंडर समय पर नही लगने की वजह से कूप तक सामग्री नही पहुंची और सागौन का परिवहन नही हुआ यह भी एक वजह हो सकती है ।
कूप से माल निकालने बनानी पड़ती है सड़क
जब भी जंगल मे कूप कटाई निकलती है उसके परिवहन के लिए सबसे पहले जंगल के सड़क मार्ग की मरम्मत की जाती है ताकि माल परिवहन में वाहन मालिक को कोई नुकसानी न हो वाहन चालक के साथ कोई अनहोनी न हो मैदानी अमला सुरक्षित आ जा सके लेकिन अधिकारियों ने सड़क मरमत या सड़क निर्माण के लिये कोई राशि नही दी जिससे समय पर माल परिवहन नही हो सका ।
24 घण्टे के लिये मिलते थे चौकीदार
सूत्रों की माने तो बीते वर्षो में खुले जंगल कूप कटाई की निगरानी के लिये पहले 24 घण्टे में दो चौकीदार मिला करते थे जो कि एक दिन में रखवाली करता तो दूसरा रात में लेकिन पहले तो चौकीदार लेट दिए और वह भी एक अब एक आदमी कैसे 24 घण्टे निगरानी कर सकता है ।
एक बीत गार्ड के पास एक से ज़्यादा कूप
उत्पादन वन मण्डल में फिलहाल स्टाफ की कमी के चलते एक एक बीट गार्ड के पास एक से अधिक कूपो का प्रभार है । कूपो की दूरी अधिक होने से बीट गार्ड या तो एक जगह वह रहे और दूसरी जगह चौकीदार,बावजूद इसके बीट गार्ड बिना किसी को अपना दुखड़ा सुनाए अपनी ज़िम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करता है लेकिन ऐसी कोई घटना हो जाये तो सबसे पहले बलि का बकरा वही बनता है ।
डेढ़ वर्ष से स्टाफ को नही मिला टीए डीए नही मिला
उत्पादन वन मण्डल के मैदानी अमले को एक ओर मुसीबत से गुजरना पड़ रहा है वह है डेढ़ साल से वाहनों की स्वीकृति ओर टीए डीए, बीते डेढ़ दशक से अधिकारियों ने टीए डीए ही पास नही किया है जिसकी वजह से मैदानी अमला कब तक अपने वेतन से खर्च करता रहेगा ऐसी छोटी छोटी समस्या को समय रहते अधिकारी ध्यान दे तो कर्मचारी भी उत्साह पुर्वक अपने फ़र्ज़ पर डटा रहता है ।
इनका कहना है
कटाई की अनुमति लेट मिली थी जिसकी वजह से परिवहन भी लेट हुआ वन्ही 50 घमीटर माल कटने पर चौकीदार का प्रावधान है ।
अमित खन्ना
एसडीओ उत्पादन वनमण्डल
एसडीओ के जंगल मे होने की वजह से बाकी के बिंदुओं पर चर्चा नही हो सकी है ।
